कहानी लेखन
कहानी लिखते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें-
- कहानी का आरम्भ आकर्षक ढंग से हो।
- दी गई रूपरेखा अथवा मुद्दे के आधार पर ही कहानी लिखनी चाहिए।
- कहानी में विभिन्न घटनाओं और प्रसंगों को संतुलित विस्तार दें। किसी प्रसंग को न अत्यंत संक्षिप्त लिखें, न अनावश्यक रूप से विस्तृत।
- कहानी का आरम्भ आकर्षक होना चाहिए ताकि पाठक का मन उसे पढ़ने में रम जाए।
- कहानी की भाषा सरल, स्वाभाविक तथा प्रवाहमयी होनी चाहिए। उसमें क्लिष्ट शब्द तथा लम्बे वाक्य न हों।
- कहानी को उपयुक्त एवं आकर्षक शीर्षक दें।
- कहानी का अंत सहज ढंग से होना चाहिए।
- अंत में, कहानी को उचित शीर्षक दे।
कहानी के प्रकार
- मुद्दे के आधार पर
- असंबंध्द शब्दों के आधार पर
- अधूरी या अपूर्ण कहानी को पूर्ण करना,
- चित्रों की सहायता से कहानी का अभ्यास करना।
-------------------------------------------------------------------------------
रुपरेखा के आधार पर लघु कहानियों के कुछ उदाहरण -
- मुद्दे के आधार पर
- असंबंध्द शब्दों के आधार पर
- अधूरी या अपूर्ण कहानी को पूर्ण करना,
- चित्रों की सहायता से कहानी का अभ्यास करना।